लोकसभा में देर रात तक चर्चा, महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने वाले तीन विधेयकों पर विचार
लोकसभा में देर रात तक चर्चा, महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने वाले तीन विधेयकों पर विचार
लोकसभा में आज संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा फिर शुरू होगी। इन तीनों विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित संविधान (एक सौ छठवां संशोधन) अधिनियम, 2023 के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में लगभग एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना था। ये तीनों विधेयक निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन को सुगम बनाने और लोकसभा तथा विधानसभाओं में एक तिहाई सीटों के आरक्षण के प्रावधानों को लागू करने के लिए लाए गए हैं।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कल लोकसभा में संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया था। इस विधेयक का उद्देश्य लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करना है। 850 सीटों में से 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे